काठमांडू। नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) बैंकिंग प्रणाली में 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश पूंजी जुटाकर सरकार के 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य का समर्थन करने के लिए इस साल एक लचीली मौद्रिक नीति लाने जा रहा है।
नेपाल राष्ट्र बैंक के एक सूत्र के मुताबिक, वित्त वर्ष 2083÷84 के लिए मौद्रिक नीति का मसौदा अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रबंधन समिति ने नीति के मुख्य बिंदुओं को पहले ही अंतिम रूप दे दिया है और निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित होने के बाद, इसे आज शाम या कल सुबह सार्वजनिक करने की तैयारी की जा रही है।
इस बार की मौद्रिक नीति में बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े नियामकीय प्रावधानों को शामिल नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एनआरबी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग निर्देशों के जरिए इस तरह के प्रावधान में संशोधन करेगा, इसलिए मौद्रिक नीति में मौद्रिक साधनों और वृहद आर्थिक प्रबंधन से जुड़े विषयों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
वर्तमान में बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योग्य राशि है, लेकिन निजी क्षेत्र से ऋण की मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है। हालांकि ब्याज दरें ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर गिर गई हैं, लेकिन ऋण विस्तार धीमा हो गया है और अर्थव्यवस्था अपेक्षित गति को फिर से हासिल नहीं कर पाई है।
इस स्थिति को देखते हुए नेपाल राष्ट्र बैंक ऋण के प्रवाह को प्रोत्साहित करने और निजी क्षेत्र के निवेश के विस्तार को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से एक लचीली मौद्रिक नीति लाने की तैयारी कर रहा है। इससे उत्पादन, उद्योग, व्यापार और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।

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