काठमांडू। मॉनसून के सक्रिय होने से देश भर में मौसम लगातार बदल रहा है। कुछ जगहों पर बेहद गर्मी पड़ रही है तो कुछ जगहों पर लगातार बारिश हो रही है। बारिश के साथ ही नेपाल के पहाड़ हरियाली से ढक गए हैं और प्राकृतिक सुंदरता और भी मनमोहक हो गई है।
काठमांडू से देउराली होते हुए कुलेखानी होते हुए हेटौडा जाने वाली सड़क पर यात्रा करने वालों को अजीब मौसम का अनुभव हो सकता है। कुछ मिनट पहले धूप खिली हुई आसमान घने बादलों और धुंध से ढका हुआ है।
हालांकि काठमांडू और हेटौडा में इन दिनों गर्मी लग रही है, लेकिन इन दोनों शहरों को जोड़ने वाली सड़क के देउराली इलाके में मौसम बिल्कुल अलग है। कुछ ही पलों में आसपास की हरी-भरी पहाड़ियां, खूबसूरत इंद्रसरोवर जलाशय और खूबसूरत नजारे साफ देखे जा सकते हैं, वहीं अगले कुछ मिनटों में घना कोहरा ऐसी स्थिति पैदा कर देता है जो कुछ मीटर की दूरी पर भी दिखाई नहीं देता।
काठमांडू के बल्खू से करीब 45 किलोमीटर दूर देउराली को काठमांडू-हेटौडा रोड पर वाहनों के खाने और आराम करने के लिए एक प्रमुख पड़ाव के रूप में भी जाना जाता है।
देउराली न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। नेपाल के पहले रोपवे का उपयोग मकवानपुर के धोरसिंग से काठमांडू के मातातीर्थ तक माल परिवहन के लिए किया गया था, इससे पहले कि इस क्षेत्र से आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित की गई थीं। रोपवे का निर्माण 1963 में राणा प्रधानमंत्री चंद्र शमशेर की पहल पर अमेरिकी सरकार के सहयोग से किया गया था।


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