काठमांडू। अनुमान है कि इस साल मानसून से होने वाली आपदाओं से 2.26 लाख लोग प्रभावित होंगे।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन कार्यकारी समिति ने आकलन किया है कि देश भर में 51,868 घरों में 226,661 लोग प्रभावित होंगे।
जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल मानसून में सामान्य से कम और औसत से अधिक गर्मी का अनुमान लगाया है। इस स्थिति के कारण कुछ ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हिमनद झीलों के फटने से निचले तटीय क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन, जलप्लावन, मिट्टी का कटाव और अचानक बाढ़ जैसी मानसून जनित आपदाओं का खतरा है।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन कार्यकारी समिति की कल हुई बैठक में मानसून की तैयारी और प्रतिक्रिया राष्ट्रीय कार्य योजना का समर्थन किया गया। बैठक में संशोधन के साथ खोज और बचाव दल, 2083 के गठन और लामबंदी से संबंधित मानक का भी समर्थन किया गया।
एनआरए के अनुसार, इसने आपदा आते ही सरकारी तंत्र को स्वचालित रूप से जुटाने का कानूनी रास्ता खोल दिया है। इसी तरह, आपदा के दौरान अभ्यास को प्रभावी और समान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंसिडेंट प्रैक्टिस प्रेशन प्रोसीजर, 2083 को भी मंजूरी दी गई है।
बैठक में निजी आवास पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास अनुदान कार्य प्रक्रिया-2081 में भी कुछ संशोधन किए गए। इसी तरह, बैठक में भूकंपीय पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों (डीपीआईयू) में 21 तकनीकी मानव संसाधन तैनात करने का निर्णय लिया गया।

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