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हरका संपांग ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की कार्यशैली पर आपत्ति जताई

कालोपाटी

2 सप्ताह ago

काठमांडू। लेबर एण्ड कल्चर पार्टी के अध्यक्ष तथा प्रतिनिधि सभा सदस्य हर्कराज राय (हर्का संपांग) ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की संसदीय कार्यशैली पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नैतिकता के आधार पर उनके इस्तीफे की मांग की है।

शुक्रवार को जारी एक बयान में राय ने प्रधानमंत्री शाह पर संसद और संसदीय परंपरा का अपमान करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के माध्यम से नीतियां और कार्यक्रम पेश करने के बाद प्रधानमंत्री खुद संसद से वॉकआउट कर गए और फिर से लोकतांत्रिक प्रथा के अपमान के रूप में प्रकट नहीं हुए।

बयान के अनुसार, सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर चर्चा के दौरान पीएम शाह संसद में मौजूद नहीं थे। राय ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा उनकी उपस्थिति की मांग किए जाने पर भी प्रधानमंत्री संसद में नहीं आए और अपने कार्यालय से संसद की गतिविधियों को लाइव देख रहे थे।

उन्होंने कहा कि इसी तरह संसदीय परंपरा है कि सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर उठाए गए सवालों के जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री को खुद मौजूद रहना चाहिए। राय ने कहा, ”प्रधानमंत्री द्वारा संसद की किसी भी बैठक में लोगों को संबोधित नहीं करना भी गैर-जिम्मेदाराना है।

राय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री संसद की गरिमा बनाए रखने में विफल रहने में अक्षम और असफल हैं.’ उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने संसदीय अभ्यास के इतिहास में ‘काला धब्बा’ छोड़ दिया है. उन्होंने तर्क दिया कि लोगों की संप्रभु संस्था का अपमान करने वाले व्यक्ति को नैतिक आधार पर पद पर नहीं रहना चाहिए।

बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकार संसद की अनदेखी कर अध्यादेशों के जरिए सरकार चलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सीमा सुरक्षा, लोगों की आजीविका और नागरिकों की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में सरकार की विफलता पर भी खेद व्यक्त किया।

 

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