काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह ईरान के साथ शांति वार्ता पर चर्चा करने के लिए एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद भेजेंगे। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी पाकिस्तान जाकर ईरान के साथ दूसरे दौर की सीधी बातचीत करने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि वह तब तक वार्ता में भाग नहीं लेगा जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी बनी रहेगी।
पिछली वार्ता का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया था, लेकिन बिना किसी समझौते के समाप्त हो गया। ट्रंप ने ईरान पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करने पर उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है। उनका दावा है कि उन्होंने “उचित और उचित प्रस्ताव” दिया है।
लेकिन ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा कि अगर अमेरिकी प्रतिबंध नहीं हटाए गए तो वार्ता के लिए एक टीम भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कदम को “अवैध और आपराधिक” कहा, जो युद्ध अपराध के समान है।
अमेरिका ने नाकाबंदी के दौरान 23 जहाजों को वापस करने का दावा किया है। इस बीच, पाकिस्तान और ईरान के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत की और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि तनाव को हल करने के लिए बातचीत जरूरी है।

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