काठमांडू। सीपीएन-यूएमएल सांसद पद्मा अर्याल ने विदेश मंत्री की भारत यात्रा पर असंतोष जताया है।
सोमवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में बोलते हुए आर्यल ने कहा कि विदेश मंत्री ऐसे समय में भारत गए हैं जब प्रधानमंत्री की टिप्पणी के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह यात्रा नेपाल-भारत संबंधों को और मजबूत करने और दोनों देशों के बीच गलतफहमियों को दूर करने में उपयोगी होगी।
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस यात्रा से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। उन्होंने कहा, ‘हम माननीय प्रधानमंत्री के बयान को लेकर संसद में संघर्ष कर रहे थे। बजट पर चर्चा करने और उसे समय पर पास करने की जिम्मेदारी समझकर हमने संघर्ष को बदल दिया।
देश के प्रधानमंत्री ने जिस तरह का बयान दिया है वह गैर-जिम्मेदाराना था और इससे देश को नुकसान होता। इसी तरह, विदेश मंत्री ने भी भारत का दौरा किया। हम खुश थे। उम्मीद की जा रही थी कि वह भारत जाएंगे और नेपाल और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करेंगे।
हमारा मानना था कि इससे मौजूदा गलतफहमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। लेकिन दुर्भाग्य से, वह गर्मजोशी से भरे आतिथ्य का आनंद लेते हुए बिछाए गए कालीनों को कुचलकर राष्ट्रवाद को भूल गए हैं।
विदेश मंत्री पर भारत के गर्मजोशी भरे आतिथ्य का आनंद लेते हुए राष्ट्रवाद को भूलने का आरोप लगाते हुए आर्यल ने संकेत दिया कि गतिविधियां राष्ट्रीय हित के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि यूएमएल ने संसद में प्रधानमंत्री की टिप्पणी के खिलाफ संघर्ष छेड़ा है और कहा है कि वे खुद को गैर जिम्मेदाराना महसूस करते हैं और देश को नुकसान पहुंचाते हैं।

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