काठमांडू। ड्राइविंग लाइसेंस की छपाई का काम तेजी से चल रहा है। सिक्योरिटी प्रिंटिंग सेंटर के कार्यकारी निदेशक देवराज ढुंगाना के अनुसार, रोजाना करीब 40,000 लाइसेंस छापे जा रहे हैं।
उनके अनुसार लाइसेंस मुद्रण को उच्च प्राथमिकता दी गई है और जुलाई, 2083 के अंत तक लगभग 29 लाख लाइसेंस छापने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से सरकार ने 26 अप्रैल तक 12 लाख लाइसेंसों की छपाई का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है और शेष 17 लाख लाइसेंसों की छपाई में तेजी लाई गई है।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. बिक्रम तिमल्सिना ने सुरक्षा मुद्रण केंद्र को लाइसेंस की छपाई में बाधा नहीं डालने और शेष सभी लाइसेंसों को जल्द से जल्द प्रिंट करने का निर्देश दिया। मंत्रालय ने विस्तृत कार्य योजना में भी इस मुद्दे को प्राथमिकता दी है जिसमें परिणामोन्मुखी शासन प्रबंधन प्रणाली को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 10 प्रमुख सुधार कार्यक्रम शामिल हैं।
मंत्रिपरिषद के 27 मार्च के निर्णय के अनुसार सार्वजनिक सेवा वितरण को नागरिक अनुकूल, कुशल, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी के अनुकूल बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य योजना को आगे बढ़ाया गया है।
इस बीच, परिवहन प्रबंधन विभाग ने सेवा चाहने वालों की सुविधा के लिए अपनी वेबसाइट के माध्यम से प्रतिदिन मुद्रित और वितरित किए जाने वाले लाइसेंसों का विवरण सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। इससे ग्राहक को अपने लाइसेंस की स्थिति के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
इसी तरह पूरे हुए लाइसेंस को डाक सेवा के माध्यम से देश भर के विभिन्न परिवहन कार्यालयों में जल्द से जल्द भेजने की व्यवस्था की गई है। इसने वितरण प्रक्रिया को भी सुव्यवस्थित किया है। उम्मीद की जा रही है कि अगर इसी गति से काम किया जाए तो निकट भविष्य में लाइसेंस वितरण की लंबे समय से चली आ रही समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा।

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