काठमांडू। पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेता झालानाथ खनाल ने लोकतांत्रिक गणराज्य को मजबूत करने के लिए आगामी चुनावों में देशभक्त, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों से विजयी होने का आह्वान किया है। लोकतंत्र दिवस के अवसर पर एक संदेश में उन्होंने कहा कि देश को और संकट की ओर बढ़ने से रोकने के लिए आगामी चुनावों का उचित उपयोग किया जाना चाहिए।
चुनाव को अवसर के साथ-साथ चुनौती भी बताते हुए उन्होंने कहा कि मतदाताओं को देश के दीर्घकालिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए कि तथाकथित ‘नई’ ताकतों के पास चुनावों के दौरान कोई स्पष्ट नीति, कार्यक्रम या ठोस प्रतिबद्धता नहीं थी, खनाल ने कहा कि लंबे समय से राजनीति में शामिल राजनीतिक दलों के पास अतीत की कमियों को सुधारकर नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का कोई विकल्प नहीं था।
प्रधानमंत्री ने 7 फाल्गुन 2007 को निरंकुश राणा कुलीनतंत्र के खिलाफ लोकतंत्र की विजय के ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए देश के भीतर और बाहर रहने वाले सभी नेपालियों को उनकी सुख, शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने लोकतंत्र की प्राप्ति के आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक क्रांति, संविधान सभा, नए संविधान और आवधिक चुनाव जैसी उपलब्धियों के बावजूद देश अपेक्षित समृद्धि की ओर नहीं बढ़ रहा है, जबकि लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना के लगभग दो दशक बाद भी यह अपेक्षित समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। भूमि सुधार, कृषि के आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय औद्योगीकरण और शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता की ओर इशारा करते हुए उन्होंने स्पष्ट नीति, मजबूत प्रतिबद्धता और जनोन्मुखी कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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