काठमांडू। चालू वित्त वर्ष की 9 तारीख को स्वीकार किया जाएगा। बहुत। 2082/830 के छह महीनों में सरकार ने करीब 53 अरब रुपये के सीमा शुल्क पर कर छूट दी है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने 408 अरब रुपये के सामान के आयात पर 52.84 अरब रुपये की ड्यूटी छूट दी है।
मंत्रालय के अनुसार, मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2052 की धारा 5 (3) को लागू करते हुए 216.02 अरब रुपये के आयातित सामान पर 216.02 अरब रुपये की कर छूट दी गई है।
सीमा शुल्क अधिनियम, 2064 की धारा 9 के आधार पर सरकार ने राजनयिक सुविधा के तहत आयात किए जाने वाले 59.75 करोड़ रुपये के सामान पर 482.9 करोड़ रुपये के सीमा शुल्क में छूट दी है। सीमा शुल्क अधिनियम का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने शुल्क सुविधा के नाम पर 80.8 करोड़ रुपये के सामान के आयात पर 4.21 करोड़ रुपये की कर छूट दी है।
सरकार ने गैर-लाभकारी सार्वजनिक और सामुदायिक संगठनों, सरकार और सरकारी स्वामित्व वाले संस्थानों के स्वामित्व वाले 37.54 अरब रुपये के सामान पर 9.50 अरब रुपये की कर छूट प्रदान की है। वित्त मंत्रालय की ओर से सार्वजनिक किए गए ब्योरे के मुताबिक, सरकार ने सरकार के साथ परियोजना विकास समझौते के तहत परियोजना या परियोजना द्वारा नियुक्त ठेकेदारों के नाम पर आयातित 39.92 अरब रुपये के सामान पर 14.97 अरब रुपये की कर छूट दी है।
इसी तरह सरकार ने चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में साफ्टा सुविधा के तहत आयातित वस्तुओं पर 27.69 अरब रुपये की कर छूट दी है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने 140.78 अरब रुपये के सामान पर 17.40 अरब रुपये की टैक्स छूट दी है।
ऐसा लगता है कि सरकार ने सीमा शुल्क की तुलना में समीक्षा अवधि के दौरान आंतरिक राजस्व को ज्यादा कर छूट नहीं दी है। अंतर्देशीय राजस्व विभाग की ओर से वित्त अधिनियम, 2082 के अनुसार, 3,477 करदाताओं को 555.76 करोड़ रुपये की कर छूट और रियायत प्रदान की गई है।
सरकार सालाना एक अरब से अधिक कर छूट प्रदान कर रही है। इस तरह की टैक्स छूट को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। मौजूदा वित्त मंत्री रामेश्वर खनाल की अगुवाई में उच्च स्तरीय आर्थिक सुधार आयोग की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में टैक्स छूट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

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