काठमांडू। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को दूध का बकाया तुरंत भुगतान करने के लिए सरकार को परमादेश जारी किया है।
हालांकि फैसला दिसंबर 2081 में किया गया था, लेकिन इसका पूरा पाठ हाल ही में सार्वजनिक किया गया है। न्यायमूर्ति नहकुल सुबेदी और न्यायमूर्ति सुनील कुमार पोखरेल की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट ने डेयरी विकास निगम (डीडीसी) और डेयरी उद्यमियों को समय पर अपने बकाये का भुगतान नहीं करने का आदेश दिया है।
शीर्ष अदालत ने सरकार को एक ऐसी प्रणाली विकसित करने का भी आदेश दिया है जहां दूध की कीमत का भुगतान अब से नियमित चक्र में किया जाता है, और नीतिगत, कानूनी और प्रबंधकीय व्यवस्था और सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
अधिवक्ता पुण्य प्रसाद खातीवाड़ा और दीपक बिक्रम मिश्रा ने शीर्ष अदालत में एक रिट याचिका दायर कर बकाये के भुगतान की मांग की थी।

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