काठमांडू। एनसेल ने चेतावनी दी है कि शेयरों की खरीद-बिक्री पर अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करने के सरकार के फैसले से नेपाल में विदेशी निवेश के माहौल पर नकारात्मक असर पड़ेगा। कंपनी ने सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इससे यह संदेश जाएगा कि निवेशकों की निजता और कारोबारी जानकारी की सुरक्षा की गारंटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं है।
एनसेल की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में एनसेल ने 11 अगस्त, 2083 को मंत्रिपरिषद के उक्त निर्णय के आधार पर ‘एनसेल के शेयर खरीद और बिक्री पर अध्ययन एवं जांच रिपोर्ट, 2080’ के प्रकाशन पर अपनी चिंता व्यक्त की है। कंपनी के मुताबिक, सुशासन, पारदर्शिता और नागरिकों के सूचना के अधिकार के नाम पर कानून द्वारा गोपनीय रखी जाने वाली संवेदनशील सूचनाओं को भी सार्वजनिक किया गया है।
कंपनी ने दावा किया है कि गुरुवार को जारी रिपोर्ट से यह संदेश जाएगा कि नेपाल सरकार विदेशी निवेशकों की निजता और उनकी कारोबारी जानकारी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध नहीं है। इससे नेपाल में नए विदेशी निवेश को आकर्षित करने और मौजूदा निवेशकों का विश्वास बनाए रखने में चुनौतियां पैदा होंगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘सरकार के इस कदम से ऐसी स्थिति पैदा होगी जहां निवेशकों का विश्वास उठ जाएगा। ‘
निवेशक गोपनीयता प्रश्न
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एनसेल ने दावा किया है कि किसी भी कंपनी का निवेश, कारोबार, लेन-देन और उससे जुड़ी जानकारी और विवरण कानून द्वारा संरक्षित हैं। कंपनी का तर्क है कि हालांकि जांच के दौरान समिति द्वारा एकत्र की गई जानकारी का उपयोग सरकार द्वारा जांच, आगे की जांच या अभियोजन में किया जा सकता है, लेकिन इन विवरणों को जनता के लिए सुलभ नहीं बनाया जाना चाहिए।
कंपनी ने दावा किया है कि नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 28, निजता अधिनियम, 2075 और कर कानूनों द्वारा गारंटीकृत निजता के अधिकार का उल्लंघन किया गया है।
एनसेल के मुताबिक, रिपोर्ट जारी होने से कंपनी के शेयरधारकों, निदेशकों और लाभार्थियों के अधिकार भी प्रभावित हुए हैं। कंपनी के पास इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ी संपत्ति, दस्तावेजों, डेटा, लेनदेन, पत्राचार और सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने का कानूनी प्रावधान है।
न्यायालय के निर्णय का प्रश्न
एनसेल ने दावा किया है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करने वाली रिट याचिका को उच्च न्यायालय ने 14 जुलाई, 2083 को खारिज कर दिया था और फैसले को अंतिम रूप दे दिया गया है। कंपनी ने कोर्ट के फैसले के विपरीत रिपोर्ट बनाने के सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है।
कंपनी ने इसे न्यायिक मर्यादा और अदालत के फैसले का पालन करने के संवैधानिक और कानूनी दायित्वों से जोड़ा है। एनसेल ने कोर्ट द्वारा गोपनीय रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है।
कानूनी उपचार की तलाश करने की तैयारी
एनसेल के पास राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और संधियों के अनुसार सरकार के निर्णय के खिलाफ कानूनी उपचार लेने का अधिकार सुरक्षित है। कंपनी ने कहा कि प्राइवेसी एक्ट में निजता के उल्लंघन के लिए सजा और पीड़ित को मुआवजे का प्रावधान है।
एनसेल का दावा है कि रिपोर्ट जारी होने से कंपनी से जुड़ी विभिन्न गोपनीय सूचनाओं की गोपनीयता भंग हुई है और इससे उसे अपूरणीय क्षति हुई है।
विदेशी निवेश पर दीर्घकालिक प्रभाव के दावे
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एनसेल ने सरकार के इस ताजा कदम को सिर्फ किसी एक कंपनी से संबंधित नहीं बल्कि नेपाल में निवेश सुरक्षा की विश्वसनीयता से भी जुड़ा बताया है। कंपनी के अनुसार, सरकार के इस कदम से नेपाल के निवेश के माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि विदेशी निवेशक कानूनी सुरक्षा, व्यावसायिक स्वतंत्रता और सूचना की गोपनीयता को महत्वपूर्ण मानते हैं।
ऐसे समय में जब नेपाल विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधार और निवेश सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, निवेशकों की व्यावसायिक गोपनीयता पर विवाद एक सकारात्मक संदेश नहीं है।
कंपनी ने दावा किया है कि निवेशकों को संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है। कंपनी ने इसे “विश्वास और विश्वास का उल्लंघन” बताया। एनसेल ने चेतावनी दी है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के सरकार के फैसले से नेपाल के निवेश के माहौल पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है, न कि इसे तत्काल नुकसान हो सकता है।
कंपनी के मुताबिक, अगर निवेशकों का भरोसा कमजोर रहता है तो नए निवेश को आकर्षित करना मुश्किल होगा, जिसका असर रोजगार, कारोबार विस्तार और समग्र आर्थिक गतिविधि पर पड़ सकता है।

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