काठमांडू। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी सात प्रांतों में अच्छी तरह से सुसज्जित बर्न ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना में तेजी लाएं।
प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के कार्यालय में सोमवार को स्वास्थ्य विज्ञान अकादमी के कुलपति के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री बालन ने प्रमुख सरकारी अस्पतालों में बर्न वार्ड को मजबूत करने के लिए आवश्यक योजना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने संघीय, प्रांतीय सरकार और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को सुझाव दिया कि वे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करें।
यह कहते हुए कि गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और नागरिक-अनुकूल स्वास्थ्य सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, प्रधानमंत्री ने अस्पताल में सुशासन और स्वच्छता के प्रभावी प्रवर्तन, सेवा वितरण में सुधार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और सुशासन के उपयोग की ओर ध्यान आकर्षित किया।
प्रधानमंत्री ने सरकार को निर्देश दिया कि वह निजी अस्पतालों को रियायती दर पर 10 प्रतिशत ओपीडी सेवा प्रदान करने के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू करे ताकि गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार किया जा सके।
यह सुझाव देते हुए कि अन्य संस्थानों को भी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा विकसित सर्वोत्तम और अच्छी प्रथाओं को सीखने के माध्यम के रूप में बनाना चाहिए और इसे साझा करना चाहिए, उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार केएएचएस की भूमि के अतिक्रमण के मुद्दे को हल करने के लिए पहल की जाएगी।
इस अवसर पर कुलपतियों ने चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार, अस्पतालों की स्वच्छता, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, कुशल स्वास्थ्य मानव संसाधनों के प्रबंधन, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने पर सुझाव प्रस्तुत किए।
उन्होंने प्रधानमंत्री को स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन, अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन और कुछ उद्यमों की भूमि के अतिक्रमण के कारण संस्थागत विकास पर पड़ने वाले प्रभाव से अवगत कराया।
इस अवसर पर पाटन स्वास्थ्य विज्ञान अकादमी (केएएचएस) के कुलपति प्रोफेसर डॉ. नबीस समन सिंह प्रधान, राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान अकादमी (केएएचएस) के प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार मिश्रा, पोखरा स्वास्थ्य विज्ञान अकादमी (केएएचएस) के कुलपति डॉ. नारायण सिंह गुरुंग, बीपी कोइराला एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीपीकेआईएचएस), धरान की कुलपति डॉ. स्मृति काफ्ले और नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनएएमएस) के कुलपति विवेक आचार्य उपस्थित थे।

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