काठमांडू। कृषि, वन और पर्यावरण मंत्रालय जुलाई के मध्य तक लगभग 210,000 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक आयात करने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय ने किसानों को अतिरिक्त उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न माध्यमों से उर्वरक आयात की प्रक्रिया शुरू की है।
मंत्रालय के अनुसार, सरकार-से-सरकार समझौते के तहत भारत से 30,000 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक का आयात किया जा रहा है। उर्वरक के जून के मध्य से जुलाई के मध्य तक नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।
जी2जी के माध्यम से भारत के साथ हुए समझौते के अनुसार, जुलाई के मध्य तक पहले चरण में 50,000 मीट्रिक टन उर्वरक का आयात किया जाएगा।
इसी तरह 1.80 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का आयात अंतरराष्ट्रीय निविदा के माध्यम से किया जाएगा। इसमें से 60,000 मीट्रिक टन डीएपी और 1,20,000 मीट्रिक टन यूरिया का आयात किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इन उर्वरकों के जुलाई के तीसरे सप्ताह तक नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।
ओमान में 30,000 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक के जुलाई के मध्य तक कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है और जुलाई के मध्य तक नेपाल पहुंच जाएगा।
इसी तरह, 30,000 मीट्रिक टन डीएपी पहले ही होर्मुज पार करने के बाद विशाखापत्तनम बंदरगाह पहुंच चुका है और 15-20 जून तक नेपाल पहुंचेगा।
इसी तरह, 30,000 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक पहले ही जहाजों पर लोड किया जा चुका है और जुलाई के मध्य तक कोलकाता बंदरगाह के माध्यम से जुलाई के मध्य तक नेपाल पहुंच जाएगा।
हालांकि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरक की उपलब्धता कम हो गई है, लेकिन मंत्रालय किसानों को राहत देने के लिए उर्वरक की आपूर्ति करने के लिए काम कर रहा है।
मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में किसानों को लगभग 6 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।

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