काठमांडू। सिंधुली जिले की मारिन ग्रामीण नगर पालिका ने 20 जोड़ी बैलों और बैलों की जुताई करके पारंपरिक शैली में वृक्षारोपण दिवस मनाया। स्थानीय आदिवासी समुदायों के माझी, मगर, नेवार और तमांग समुदायों की भागीदारी के साथ नगर पालिका ने पौधारोपण दिवस का आयोजन किया।
आधुनिक कृषि प्रणाली के साथ-साथ ट्रैक्टरों के उपयोग में वृद्धि के साथ, एक ही स्थान पर इतने सारे बैल लगाना दुर्लभ हो गया है। संस्कृति के संरक्षण और परंपरा की निरंतरता के लिए ग्राम पालिका की पहल पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में रोपारों ने लगभग 5 रोपनी भूमि में छुपू धान की रोपाई की थी।
रोपण के साथ-साथ, प्रतिभागियों ने मैदान में कीचड़ खेलने, एक-दूसरे पर मिट्टी रगड़ने, आसरे गीत गाने और रस्साकशी खींचने जैसी मनोरंजक गतिविधियों में भी भाग लिया।
नेपाल में असार 15 को हर साल 15 जून को राष्ट्रीय धान दिवस और दही और चूड़ा खाने के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। वर्षा ऋतु से शुरू होने वाले धान की पौधारोपण को कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा और नेपाली कृषि संस्कृति से जुड़े एक महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में लिया जाता है।


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