काठमांडू। त्रिभुवन विश्वविद्यालय (टीयू) ने अपने उन प्रोफेसरों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है जो अपनी पढ़ाई की छुट्टी पूरी करने के बाद सेवा में नहीं लौटे हैं।
टीयू टीचिंग लीव मैनेजमेंट इम्प्लीमेंटेशन कमेटी ने बुधवार को एक सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए उन शिक्षकों और कर्मचारियों से आग्रह किया जो अवकाश का लाभ उठाने के बाद विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सेवा में नहीं लौटे हैं और निर्धारित अवधि पूरी किए बिना ÷सेवा छोड़ चुके हैं, वे समिति के कार्यालय से संपर्क करें।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय के भीतर संपर्क में नहीं आने पर विश्वविद्यालय के साथ किए गए समझौते और नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
टीयू के अनुसार, अध्ययन अवकाश लेने के बाद सेवा में नहीं लौटने वाले 50 प्रोफेसरों से 11.84 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए गए हैं। यह प्रक्रिया शिक्षा और खेल मंत्रालय की पहल और टीयू की सक्रिय भागीदारी से शुरू की गई है।
विश्वविद्यालय ने कहा है कि अध्ययन अवकाश कुशल, शोध-उन्मुख और अंतरराष्ट्रीय मानक शैक्षणिक जनशक्ति प्रदान करने के लिए एक विशेष सुविधा है। हालांकि, कुछ प्रोफेसरों ने अध्ययन अवकाश का दुरुपयोग किया है और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सेवा में वापस नहीं लौटे, जिससे विश्वविद्यालय को वित्तीय, शैक्षिक और शैक्षणिक नुकसान हुआ है।
यह याद दिलाते हुए कि अवकाश सुविधा का उपयोग करने वाले प्रोफेसरों को समझौते के अनुसार अपने सेवा दायित्वों को पूरा करना होगा, यह याद दिलाते हुए टीयू ने कहा है कि शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी रहेगी।

प्रतिक्रिया दिनुहोस्