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जाति आधारित भेदभाव सामाजिक, नैतिक और मानवीय गरिमा के खिलाफ गंभीर अपराध है: राष्ट्रपति पौडेल

कालोपाटी

8 मिनट ago

काठमांडू। राष् ट्रपति रामचन् द्र पौडेल ने कहा है कि जाति आधारित भेदभाव सामाजिक, नैतिक और मानवीय गरिमा के खिलाफ गंभीर अपराध है।

नस्लीय भेदभाव और छुआछूत उन्मूलन के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आज अपने संदेश में राष्ट्रपति भंडारी ने कहा कि नेपाल के संविधान ने राष्ट्र की बहुजातीय, बहुभाषी, बहुधार्मिक, बहुसांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को राष्ट्र की विशेष पहचान के रूप में अपनाया है।

नेपाल के संविधान ने विविधता, सामाजिक-सांस्कृतिक एकजुटता, सहिष्णुता और सद्भावना में एकता, सामाजिक-सांस्कृतिक एकजुटता, सहिष्णुता और सद्भावना में एकता, जातीय, क्षेत्रीय, भाषाई, धार्मिक, लिंग और सभी प्रकार के भेदभाव के आधार पर भेदभाव के सभी रूपों को बनाए रखते हुए विविधता, सामाजिक-सांस्कृतिक एकजुटता, सहिष्णुता और सद्भावना में एकता का संरक्षण और संवर्धन करके आनुपातिक, समावेशी और सहभागी सिद्धांतों के आधार पर एक समतामूलक समाज का निर्माण करने का संकल्प लिया है। संदेश पढ़ता है।

उन्होंने कहा कि संविधान विविधता में एकता, सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता, सहिष्णुता और सद्भावना की रक्षा करेगा और उसे बढ़ावा देगा। उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले सभी नेपाली बहनों और भाइयों को उनकी सुख, शांति, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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