काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सांसद निशा दांगी ने पूछा कि नई संसद में इस्तेमाल की गई लकड़ी का इस्तेमाल किस देश में किया गया था।
बुधवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में उन्होंने नेपाल में लकड़ी की प्रचुर क्षमता के बावजूद सालाना अरबों रुपये के लकड़ी के उत्पादों के आयात पर गंभीर चिंता जताते हुए सवाल किया कि किस देश की लकड़ी की कुर्सियां किस देश से बनाई गई हैं।
घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की नीति पर स्पष्टता की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने सरकार से उस स्थिति के बारे में सवाल किया जिसमें देश से लकड़ी निकालने की फाइलें बंद कर दी जाएंगी लेकिन विदेशी लकड़ी के लिए एलसी आसानी से खोली जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम दो या तीन दिनों में नए संसद भवन में शिफ्ट हो जाएंगे।
किस देश की कुर्सी लकड़ी से बनी है, जिस देश के अध्यक्ष और हम सांसद रहते हैं? नेपाल की अपनी लकड़ी का समुचित उपयोग न होने के कारण सालाना अरबों रुपये के लकड़ी के उत्पादों का आयात किया जा रहा है। आज घरेलू लकड़ी के आयात के लिए फाइल बंद हो गई है, लेकिन विदेशी लकड़ी के आयात के लिए एलसी आसानी से खोल दी जाती है। यह किस तरह की नीति है? मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी वनों की कटाई की जानी चाहिए, लेकिन हमें हमारे पास मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करना चाहिए। इसलिए, इस निर्भरता को रोका जाना चाहिए और इसकी शुरुआत इसी संसद भवन से होनी चाहिए। ’

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