काठमांडू। चालू वित्त वर्ष 2082-83 के अप्रैल के मध्य तक सरकार का सार्वजनिक ऋण दायित्व 2.975 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में 26.74 लाख करोड़ रुपये के ऋण में पहले 10 महीनों में 300 अरब रुपये की वृद्धि हुई है।
सार्वजनिक ऋण अब जीडीपी के 45.08 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कुल ऋण में विदेशी ऋण 53.57 प्रतिशत और आंतरिक ऋण 46.43 प्रतिशत था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नेपाली रुपये के कमजोर होने के साथ, विनिमय दर के कारण देनदारियों में 16.77 अरब रुपये की वृद्धि हुई।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 595 अरब रुपये का कर्ज जुटाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अप्रैल के मध्य तक केवल 365 अरब रुपये ही जुटाए गए हैं। सरकार ने आंतरिक ऋण पर अपनी निर्भरता बढ़ा दी है क्योंकि बाहरी ऋण की प्रगति कमजोर रही है।
इसी तरह ऋण के मूलधन और ब्याज भुगतान पर अब तक 2.92 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि ऋण की उपयोगिता और रिटर्न प्रभावी नहीं हैं, तो यह लंबे समय में अर्थव्यवस्था पर अधिक दबाव डाल सकता है।

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