काठमांडू। सीपीएन-यूएमएल के उपाध्यक्ष बिष्णु प्रसाद पौडेल ने सीपीएन (यूएमएल) के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे लोगों द्वारा की गई गलतियों और गलतियों को स्वीकार करके उनके सामने आत्म-आलोचना पेश करें।
33वें मदन-आश्रित स्मृति दिवस के अवसर पर उपाध्यक्ष पौडेल ने खोए हुए लोगों के विश्वास को फिर से हासिल करने और लोगों के बहुदलीय लोकतंत्र के सार को उचित रूप से आत्मसात करके सीपीएन (यूएमएल) को राष्ट्रीय राजनीति की एक निर्णायक शक्ति के रूप में बहाल करने के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में नेपाली कम्युनिस्ट आंदोलन अपने इतिहास के सबसे कठिन मोड़ और रक्षात्मक दौर में पहुंच गया है। पौडेल ने कहा, ‘इस बात की वस्तुनिष्ठ समीक्षा करने में बहुत देर हो चुकी है कि क्या हम राष्ट्रीय राजनीति और पार्टी के आंतरिक जीवन में लोगों के बहुदलीय लोकतंत्र से निर्देशित हो पाए हैं.’

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