काठमांडू। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सार्वजनिक निकायों में बढ़ते बकाये पर चिंता व्यक्त की है और हितधारकों को वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया है।
महालेखा परीक्षक के कार्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2081/82 के लिए प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2081/82 की वार्षिक रिपोर्ट प्राप्त करते हुए पौडेल ने कहा कि सरकारी व्यय में अनियमितताओं ने सार्वजनिक निकायों की जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन को नष्ट कर दिया है।
उन्होंने बकाया निपटान को प्राथमिकता देकर राजकोषीय सुशासन बनाए रखने के लिए सार्वजनिक अधिकारियों को अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह होने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दे संबंधित निकायों और हितधारकों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक बनाएंगे।
यह कहते हुए कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने में महालेखा परीक्षक के कार्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है, राष्ट्रपति पौडेल ने सुझाव दिया कि कार्यालय को संस्थागत और व्यावसायिक क्षमता निर्माण और आने वाले दिनों में आंतरिक सुशासन बनाए रखने के लिए अधिक सक्रिय होना चाहिए।
पौडेल ने कहा, ‘स्थायी शांति, सुशासन, विकास और समृद्धि के लिए युवा पीढ़ी की आकांक्षाएं तभी पूरी हो सकती हैं जब अनियमित सरकारी खर्च को हतोत्साहित करके आर्थिक अनुशासन बनाए रखा जाए।
संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, राष्ट्रपति को सौंपी गई रिपोर्ट को प्रधानमंत्री के माध्यम से संघीय संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिपोर्ट के मुद्दों पर संघीय संसद में गंभीरता से चर्चा की जाएगी और उचित निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
इस कार्यक्रम में महालेखा परीक्षक, सिविल सेवकों और मीडियाकर्मियों ने भाग लिया।

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