काठमांडू। नेपाल एसोसिएशन ऑफ फॉरेन एम्प्लॉयमेंट एंटरप्रेन्योर्स ने विदेशी रोजगार क्षेत्र में दिख रही समस्याओं के समाधान के लिए 7 सूत्री सुझाव दिया है।
श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साहा ने विदेशी रोजगार क्षेत्र के सुधार और प्रबंधन के लिए 7 सूत्री सुझाव प्रस्तुत किया है।
एसोसिएशन की ओर से दिए गए सुझावों में श्रमिकों की देश-स्तरीय लागत निर्धारित करने और वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रत्येक श्रम गंतव्य देश की यात्रा की अधिकतम लागत निर्धारित और लागू की जानी चाहिए।
साथ ही मांग पत्र के सत्यापन और आवश्यक सुधार की मांग की है। इसमें विदेशी रोजगार अधिनियम के अनुसार श्रम अताशे की व्यवस्था, कंपनी के खाते में मैनपावर कंपनी द्वारा रखी गई जमा राशि पर ब्याज की व्यवस्था और अन्य निजी व्यवसायों के बराबर ब्याज प्राप्त करने की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
एसोसिएशन ने पुलिस रिपोर्ट के सत्यापन के आर्थिक बोझ को भी हटाने की मांग की है। गेंजी आंदोलन के बाद यूएई पुलिस रिपोर्ट के सत्यापन के नाम पर प्रति श्रमिक 14,700 रुपये वसूल रहा है।
उन्होंने सऊदी दूतावास में वीजा स्टैम्पिंग प्रक्रिया तक पहुंच की भी मांग की है। एसोसिएशन ने विदेश रोजगार विभाग के हालिया फैसले को भी रद्द करने की मांग की है।
विभाग ने 29 अप्रैल से विदेश में जाने वाले श्रमिकों के लिए हवाई अड्डे पर मैनपावर कंपनी को भुगतान किए गए हवाई टिकट और सेवा शुल्क की रसीद को अनिवार्य रूप से दिखाने का प्रावधान किया है।
यह कहते हुए कि नीति स्तर के सुधारों के बिना निर्णय का प्रभावी कार्यान्वयन संभव नहीं होगा, एसोसिएशन ने मांग की है कि नीति स्तर पर सुधार के बाद ही निर्णय का कार्यान्वयन किया जाना चाहिए।

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