काठमांडू। नेपाल तेल निगम (एनओसी) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को फिर से समायोजित किया है। निगम ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है।
एनओसी के अनुसार, निगम को भारी नुकसान हुआ है क्योंकि वह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से प्राप्त नए खरीद मूल्य को स्वचालित मूल्य प्रणाली के अनुसार समायोजित नहीं कर सका। मौजूदा स्थिति के अनुसार, पेट्रोल पर लगभग 47 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 133 रुपये प्रति लीटर और एलपी गैस पर 400 रुपये प्रति सिलेंडर का नुकसान हो रहा है। निगम ने कहा है कि अगर मूल्य समायोजन नहीं किया गया तो उसे पाक्षिक आधार पर 13 अरब रुपये से अधिक का नुकसान होगा।
निदेशक मंडल के 2 अप्रैल के फैसले के अनुसार पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
नई दर के अनुसार, काठमांडू, पोखरा और दिपायल में पेट्रोल की कीमत 202 रुपये प्रति लीटर होगी, जबकि डीजल और केरोसिन की कीमत 182 रुपये प्रति लीटर होगी। अन्य श्रेणियों में भी कीमत को उसी अनुपात में समायोजित किया गया है।
मूल्य वृद्धि के बाद भी निगम को घाटा होता रहेगा। संशोधित दर के अनुसार, पेट्रोल की कीमत लगभग 34 रुपये प्रति लीटर, डीजल की 120 रुपये प्रति सिलेंडर और एलपीजी की कीमत 400 रुपये प्रति सिलेंडर होने का अनुमान है। इसके मुताबिक निगम को अभी भी पाक्षिक आधार पर 11 अरब रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।
आपूर्ति प्रबंधन में समस्याएं होने का जिक्र करते हुए निगम ने उपभोक्ताओं से ईंधन का कम से कम इस्तेमाल करने का आग्रह करते हुए कहा है कि समय पर भुगतान करने का दबाव है।

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