काठमांडू। वाणिज्य, आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने वैश्विक बाजार में रसोई गैस (एलपीजी) की कमी और नेपाल पर इसके प्रभाव के जोखिम को देखते हुए नेपाल तेल निगम (एनओसी) से रसोई गैस (एलपीजी) के आयात और बिक्री पर डेटा मांगा है।
विभाग के निदेशक नरहरि तिवारी ने कहा कि एनओसी को मंत्रालय स्तर पर एक ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करने और निगम की कमी की समस्या को हल करने के लिए सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब दो महीने हो गए हैं जब उपभोक्ताओं को आसानी से गैस नहीं मिल पाई है। उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। हालांकि निगम का दावा है कि अभी तक गैस की सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं हुई है। हालांकि एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ विक्रेता एनओसी द्वारा निर्धारित कीमत से 1,910 रुपये अधिक पर रसोई गैस बेच रहे हैं।
एनओसी के प्रवक्ता मनोज ठाकुर ने कहा कि रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बाजार में मांग के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि वाणिज्य विभाग को उन विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है जो अधिक मूल्य वसूलते हैं और इसके बारे में सूचित किया गया है।
ठाकुर के अनुसार, एनओसी ने गुरुवार को उद्योगपतियों और डीलरों को बुलाया है और उन्हें एलपीजी वितरण को पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। इसके मुताबिक गैस उद्योगपतियों को इस बात का साफ रिकॉर्ड रखना होगा कि किस डीलर को कितनी गैस भेजी गई है। इसी तरह, विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य है कि वे उन उपभोक्ताओं का विवरण रखें जिन्हें उन्होंने गैस बेची है, उनके नाम और फोन नंबर।
एनओसी ने एलपीजी उद्योगपतियों को निर्देश दिया है कि वे होटल और औद्योगिक उद्देश्य के बजाय ‘घरेलू उद्देश्य’ को प्राथमिकता दें। गैस का स्टॉक न करने और जरूरत के आधार पर ही बांटने को कहा गया है। उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से जमाखोरी नहीं करने के लिए भी कहा गया है।

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