काठमांडू। 4 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए औपचारिक प्रचार आज से शुरू हो जाएगा। प्रावधान के अनुसार, लोग चुनाव के दिन से 15 दिन पहले रैलियां, सामूहिक सभाएं, कॉर्नर मीटिंग कर सकते हैं और मीडिया में चुनाव संबंधी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित कर सकते हैं।
नए प्रावधान के अनुसार, राजनीतिक दल और उम्मीदवार आज रात 12 बजे से रात 12 बजे तक प्रचार कर सकते हैं। राजनीतिक दल और उम्मीदवार निर्धारित मानदंडों के आधार पर समाचार पत्रों के साथ-साथ ऑनलाइन मीडिया में विज्ञापन दे सकते हैं। संबंधित उम्मीदवारों को मंच की तैयारी के लिए किए गए व्यय का विवरण स्वयं या अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से निर्वाचन कार्यालय को प्रस्तुत करना होगा।
निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, नेताओं, प्रतिनिधियों और शुभचिंतकों को चुनाव प्रचार करते समय चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह से पालन करने का निर्देश दिया है। चुनाव आयोग (ईसी) ने मतदाताओं को चेतावनी दी है कि वे चुनाव आचार संहिता की सीमाओं के भीतर ही किसी भी तरह की चुनावी गतिविधियों का उल्लंघन न करें। चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा, धमकी, लालच और सामाजिक बहिष्कार जैसी गतिविधियों पर सख्त रोक लगा दी है।
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से खर्च की सीमा का पालन करने, मतपत्र का दुरुपयोग नहीं करने और आचार संहिता का पालन करने का आग्रह किया है। चुनाव आयोग ने कहा कि यदि निर्देश का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित चुनाव अधिकारी या आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा कि चुनाव आचार संहिता का पालन करना राजनीतिक दलों की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि चुनावों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने के इरादे से किसी भी पार्टी या उम्मीदवार के खिलाफ झूठी सूचना, गलत सूचना और दुर्भावनापूर्ण अभिव्यक्ति को सामाजिक और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से या निहित राजनीतिक हितों के लिए संगठित माध्यमों से प्रसारित करने की अनुमति नहीं है।

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