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भारत का सार्वजनिक ऋण 30 लाख करोड़ रुपये के पार गया, अर्थव्यवस्था का 45 प्रतिशत

कालोपाटी

18 मिनट ago

काठमांडू। देश का सार्वजनिक ऋण दायित्व 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सार्वजनिक ऋण प्रबंधन द्वारा जारी चालू वित्त वर्ष 2083/84 की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, कुल सार्वजनिक ऋण देनदारी 3009.11 अरब रुपये तक पहुंच गई है। कुल ऋण देनदारी में से अकेले विदेशी ऋण 1,598.80 अरब रुपये है, जो कुल ऋण का 53.13 प्रतिशत है।

इसी तरह कुल कर्ज का 45.59 फीसदी हिस्सा 1,410.31 अरब रुपये है। रिपोर्ट से पता चलता है कि अकेले चालू वित्त वर्ष के तीन महीनों में 123.32 अरब रुपये का कर्ज जुड़ा।

इसमें से सरकार ने 100 अरब रुपये का आंतरिक ऋण और 23.32 अरब रुपये का विदेशी ऋण जुटाया है। अकेले चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 658.28 अरब रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

99 बिलियन ऋण भुगतान

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सरकार न केवल ऋण एकत्र कर रही है बल्कि ऋण चुकाना भी जारी रख रही है। कार्यालय के अनुसार, अकेले सितंबर तक लगभग 99 अरब रुपये का भुगतान ऋण दायित्व के रूप में किया जा चुका है। इसमें से 82.74 अरब रुपये का भुगतान आंतरिक ऋण के लिए किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके तहत मूलधन के रूप में 65.10 अरब रुपये और ब्याज के रूप में 17.63 अरब रुपये का भुगतान किया गया है।

कार्यालय ने पिछले तीन महीनों में विदेशी ऋण के लिए 16.13 अरब रुपये का भुगतान किया है। इसमें से 12.64 अरब रुपये मूलधन और 3.49 अरब रुपये ब्याज के रूप में भुगतान किए गए हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 417.88 अरब रुपये के ऋण चुकाने का लक्ष्य रखा है।

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अर्थव्यवस्था के आकार के अनुपात के रूप में नेपाल की कुल ऋण देनदारी 45.59 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसमें से अर्थव्यवस्था की तुलना में बाहरी ऋण देनदारी 24.22 प्रतिशत और आंतरिक ऋण देनदारी 21.37 प्रतिशत है। आर्थिक आधार पर सरकार का तीन महीने में कर्ज का पुनर्भुगतान 1.50 प्रतिशत है।

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