काठमांडू। काठमांडू घाटी से दशईं मनाने के लिए घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
पढ़ाई, रोजगार और अन्य व्यवसायों से जुड़े लोग दशईं मनाने के लिए अपने गांवों में लौटने लगे हैं।
काठमांडू घाटी के अलग-अलग चेकप्वाइंट पर देश के अलग-अलग स्थानों पर जाने वाले लंबी और छोटी दूरी के सार्वजनिक वाहनों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। काठमांडू घाटी यातायात पुलिस कार्यालय के पुलिस उपाधीक्षक रवींद्र खनाल के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 56,809 यात्री रवाना हुए हैं।
27,649 से अधिक यात्री नागढुंगा सीमा बिंदु से निकल चुके हैं और 5,000 से अधिक यात्री फर्पिंग चौकी से निकल चुके हैं। इसी तरह यात्री थानकोट, भीमढुंगा, टिनपिपल, सांखू, भक्तपुर और भट्टे डांडा से भी रवाना हो चुके हैं।
संघीय सड़क पर्यवेक्षण एवं निगरानी कार्यालय के अनुसार, दशईं पर्व के दौरान घर जाने वाले यात्रियों के लिए मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर कोई बाधा नहीं है।
इसी तरह नागढुंगा-नौबिसे रोड, मुग्लिन-नारायणगढ़ रोड, कांटी हाईवे और बीपी हाईवे पर दोतरफा ट्रैफिक चलाया गया है।
इस बीच, घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ, परिवहन उद्यमियों को यात्रियों के प्रबंधन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नेपाली राष्ट्रीय परिवहन उद्यमी महासंघ के महासचिव डेकानाथ गौतम ने कहा कि सड़क की स्थिति के कारण परिवहन प्रबंधन में समस्याएं पैदा हो गई हैं।
फेडरेशन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे केवल टिकट खरीदकर यात्रा करें, केवल निर्धारित किराए का भुगतान करें और वाहन मालिकों को वाहनों की स्थिति की जांच करने के बाद यात्रा करने के लिए कहा।

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