काठमांडू। गृह मंत्रालय ने देश भर के जिला प्रशासन कार्यालयों को निर्देश दिया है कि ऋण वसूली के नाम पर उधारकर्ताओं को प्रताड़ित न करें, उनके घरों से सामान न ले जाएं और किस्त का भुगतान होने तक घर पर रहकर उन पर दबाव न डालें।
गृह मंत्रालय के शांति, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण अनुभाग ने राष्ट्रीयता, धर्म, संस्कृति और नागरिक बचाव महाअभियान, नेपाल के साथ हुए समझौते को लागू करने के लिए जिला प्रशासन कार्यालयों को एक पत्र जारी किया है। सरकार और अभियान 20 अगस्त को विभिन्न मुद्दों पर एक समझौते पर पहुंचे थे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऋण की वसूली के दौरान उधारकर्ता को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना, घर से सामान उठाने, किस्त का भुगतान होने तक घर पर रहने वाले संगठन के कर्मचारियों पर दबाव डालना और उन्हें गिरफ्तार करना, गाली देना या दुर्व्यवहार करना जैसी गतिविधियां illegal.TAG_OPEN_p_5
इस तरह के कृत्यों के पीड़ित संबंधित जिला प्रशासन कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि शिकायत प्राप्त होती है, तो गृह मंत्रालय ने प्रशासनिक कार्यालयों को प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मंत्रालय ने जिला प्रशासन कार्यालयों से आवश्यक कार्यान्वयन को लागू करने और समझौते और कैबिनेट के निर्णय के अनुसार संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करने का भी आग्रह किया है। सरकार का निर्देश कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार करके ऋण वसूली के नाम पर दबाव, धमकियों और दुरुपयोग को नियंत्रित करके उधारकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

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