काठमांडू। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण बंद पड़ी अस्पताल की ओपीडी सेवाएं आज से फिर से शुरू हो गई हैं। बीरगंज के नारायणी अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हाथापाई के खिलाफ देशभर के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंगलवार और बुधवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने के बाद स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल आए मरीजों को निराश होकर घर लौटना पड़ा।
9 जुलाई को नारायणी अस्पताल में कार्यरत एक चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद राम पर हमला किया गया।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने उस पर हमला कर दिया था। हमले में डॉ. जिम स्मिथ घायल हो गए। प्रमोद का इलाज नेशनल ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
डॉक्टरों पर हमला करने वालों को गिरफ्तार करने के सरकार के फैसले के खिलाफ देश भर के डॉक्टर सड़कों पर उतर आए थे।
सरकार और नेपाल मेडिकल एसोसिएशन (एनएमए) ने बुधवार को 5 सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए। हड़ताल खत्म होने के बाद डॉक्टर आज से अपनी नियमित सेवा में लौट आए हैं।
दो दिन से बंद ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
बानेश्वर के सिविल अस्पताल (सिविल अस्पताल) में गुरुवार सुबह से ही सेवार्थियों की भीड़ देखी जा रही थी।
कुछ अस्पताल में प्रवेश कर रहे थे, तो कुछ जांच कराकर बाहर आ रहे थे। कुछ मरीज हाथों में टिकट लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कुछ अस्पताल के बिस्तर पर बैठे थे।

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