काठमांडू। नेपाल के पहले आधुनिक परिवहन सुरंग मार्ग नागढुंगा-सिसनेखोला का कल से औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लम्साल और जेआईसीए के अध्यक्ष संयुक्त रूप से परियोजना का उद्घाटन कर रहे हैं। सड़क विभाग के अनुसार, उद्घाटन के बाद तत्काल समय के लिए केवल एंबुलेंस, दमकल इंजन और सुरक्षा एजेंसियों के आपातकालीन वाहनों को ही सुरंग में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।
नागधुंगा-सिस्नेखोला सुरंग मार्ग का निर्माण जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से रियायती ऋण और नेपाल सरकार के संयुक्त निवेश से पूरा किया गया था। सुरंग की लंबाई 2.68 किलोमीटर है। हालांकि, अगर निकासी सुरंग और क्रॉस-पैसेज की गिनती की जाती है, तो सुरंग की कुल लंबाई लगभग 5.5 किलोमीटर है।
जापानी निर्माण कंपनी ‘हजमा एंडो कॉर्पोरेशन’ ने 2076 में इस परियोजना का निर्माण शुरू किया था। सड़क विभाग के अनुसार, आग या दुर्घटना जैसी संभावित आपदाओं की तैयारी के रूप में सुरंग के उद्घाटन के एक सप्ताह के भीतर एक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। अभ्यास सफल होने के बाद लगभग एक सप्ताह तक एक लेन का ऑपरेशन परीक्षण के आधार पर आयोजित किया जाएगा।
विभाग की योजना इन प्रक्रियाओं के बाद ही सुरंग मार्ग को पूर्ण रूप से चालू करने की है। सुरंग में मोटरसाइकिल और ज्वलनशील विस्फोटक ले जाने वाले वाहनों को चलाने पर रोक है। इस टनल वे को नेपाल के सड़क बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

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