काठमांडू। भारत में छात्र आंदोलन तेज होने के साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। भारतीय पुलिस ने कल राजधानी नई दिल्ली के मध्य में हजारों प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च करने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना में कुछ प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधार की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने संयम बरतने और किसी भी गैरकानूनी या हिंसक गतिविधियों में शामिल नहीं होने को कहा है।
प्रदर्शनकारी प्रश्नपत्र लीक और तकनीकी समस्याओं जैसी अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के बाद शनिवार को ताजा विरोध प्रदर्शन हुआ। वह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के समर्थन में अनशन कर रहे हैं।
सीजेपी का गठन 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने किया था, जिन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से स्नातक किया था। 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे नरेंद्र मोदी के लिए ताजा प्रदर्शन एक बड़ी चुनौती रही है। विपक्षी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारत के इतिहास में सबसे असंवेदनशील प्रधानमंत्री होने का आरोप लगाया।

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