काठमांडू। दृष्टिबाधित और दृष्टिबाधित लोगों ने काठमांडू के मैतीघर मंडला में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
वे विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा उन्हें गिरफ्तार करने और जबरन हटाने के प्रयासों का विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शन में भाग लेते हुए रोजिता अय्यर ने सरकार से मांग की कि सरकार उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि क्षमता और कौशल होने के बावजूद उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘सरकार को हमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मुहैया कराना चाहिए। इसी तरह हमें यहां सड़कों पर आना होगा। सरकार को जल्द से जल्द हमारी बात सुनने दीजिए। हम सभी युवाओं की क्षमता के बावजूद सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हैं। हमारे बच्चे भी हैं। हमारी मांग सड़कों पर बैठकर रोजी-रोटी कमाने की नहीं है। हम रोजगार की आवश्यकता की ओर ध्यान आकषत करने आए हैं। ‘
अय्यर ने राज्य पर अंधे और कम दृष्टि वाले लोगों के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने अन्यायपूर्ण व्यवहार किया है, हमें गाली दी है, गाली दी है और गाली दी है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राज्य विकलांग व्यक्तियों के लिए अच्छे रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और मानवाधिकारों की गारंटी दे।
उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वह सड़कों पर अपना जीवन यापन कर रहे दृष्टिबाधित लोगों पर कार्रवाई को तुरंत रोके।

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