काठमांडू। एक दशक से जारी कृषि और पशुधन अनुदान के मुद्दे की जांच के लिए पांच सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
कृषि, वन एवं पर्यावरण मंत्री गीता चौधरी ने वित्तीय वर्ष २०७२/७३ से जारी कृषि एवं पशुधन अनुदान की जांच के लिए पांच सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है।
संयुक्त सचिव बद्री प्रसाद दहल के समन्वय में गठित टास्क फोर्स को मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।
कार्यबल ने पुरानी रिपोर्टों की समीक्षा की है, अनुदानों के दुरुपयोग की स्थिति का आकलन किया है और सुधार के लिए उचित कदमों की सिफारिश की है।
सरकार कृषि और पशुधन क्षेत्र के लिए हर साल विभिन्न सब्सिडी कार्यक्रम लागू कर रही है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान देता है।
पिछले वर्षों में, सब्सिडी का पैसा वास्तविक और हाशिए पर रहने वाले किसानों तक नहीं पहुंचा है और इसकी प्रभावशीलता को खराब निगरानी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
टास्क फोर्स के जनादेश (टीओआर) में पुरानी रिपोर्टों की समीक्षा करने और दुरुपयोग किए गए भुगतानों की पहचान करने का मुद्दा शामिल है। टास्क फोर्स को प्रभावी पाई गई प्रणालियों के मामले में अच्छी प्रथाओं के उदाहरणों के साथ अंतर विश्लेषण करने और अनुदानों के दुरुपयोग की स्थिति का आकलन करने और सुधार के लिए उचित कदमों की सिफारिश करने का भी आदेश दिया गया है।
कार्यबल को अपनी प्रगति रिपोर्ट मंत्रालय के सचिव को एक महीने में कम से कम दो बार या आवश्यकतानुसार एक से अधिक बार प्रस्तुत करनी होती है।

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