काठमांडू। सरकार कल और परसों थापाथली में नदी के अतिक्रमण वाली बस्तियों को हटाने की तैयारी कर रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों और युवाओं ने भी अवैध कब्जा करने वालों को हटाने के सरकार के कदम का विरोध किया है।
लेबर एंड कल्चर पार्टी के अध्यक्ष हरका संपांग ने एक बयान जारी कर अवैध कब्जा करने वालों को खत्म करने के सरकार के कदम पर खेद व्यक्त किया। इस तरह के कदमों को संविधान के खिलाफ बताते हुए उन्होंने इस तरह की गतिविधियों को रोकने की मांग की।
लेबर कल्चर पार्टी ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह उचित मुआवजे के साथ पुनर्वास और प्रबंधन करके ही आगे बढ़े। इसी तरह युवा कार्यकर्ता रक्षा बम ने सोशल मीडिया पर लिखकर सरकार की तैयारियों का विरोध किया है। राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने से सवाल करते हुए उन्होंने उनसे पूछा कि वह उन राजनीतिक दलों से कैसे अलग हैं जो कई वर्षों से भूमिहीनों को केवल वोट बैंक बना रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस बात की मांग बढ़ रही है कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना अवैध कब्जा करने वालों को जबरन न हटाया जाए। पुलिस कल शाम से ही लोगों से अतिक्रमित बस्ती से हटने का अनुरोध कर रही है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और मेट्रोपॉलिटन पुलिस की एक संयुक्त टीम ने लोगों से कल सुबह 6:00 बजे से पहले बस्ती छोड़ने का आग्रह किया।
सरकार बस्तियों को हटाकर होटलों में रखकर लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है।

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