काठमांडू। आज देशभर में 69वां राष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जा रहा है। परंपरा के अनुसार, इस वर्ष का सहकारिता दिवस 20 अप्रैल को ‘उद्यमिता और पारदर्शिता: सहकारिता की अनिवार्यता’ के नारे के साथ मनाया जा रहा है।
सहकारिता क्षेत्र वर्तमान में देश की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देशभर में लगभग 30,000 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं और 6 मिलियन से अधिक सदस्य इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। कहा जाता है कि सहकारी क्षेत्र लगभग 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 500,000 लोगों को रोजगार प्रदान करता है। जीडीपी में 3 प्रतिशत और वित्तीय पहुंच में 15 प्रतिशत का योगदान सहकारी क्षेत्र में देखा जाता है।
सहकारी समितियों के मात्रात्मक विकास के बावजूद, गुणवत्ता में सुधार की चुनौती है। हाल के दिनों में विभिन्न विकृतियों और विसंगतियों के कारण सहकारी समितियों की लोकप्रियता कम हो रही है। इस कारण से, आज के दिन को सहकारी समितियों, पारदर्शिता और व्यापार सुधार के महत्व पर ध्यान आकर्षित करने के अवसर के रूप में लिया जाता है।

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