काठमांडू। सरकार मंगलवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विश्व क्षय रोग दिवस मना रही है। सोमवार को भक्तपुर के राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण केंद्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। केंद्र के अवर सचिव कमल प्रसाद तिमलसेना ने कहा कि विश्व क्षय रोग दिवस ‘राष्ट्रीय अभियान, हमारा योगदान’ के नारे के तहत मनाया जा रहा है।
उनके अनुसार संघीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तर पर विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। केंद्र के अनुसार, इस अवसर पर रैलियां, बातचीत, जागरूकता अभियान और मीडिया कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। केंद्र ने सभी हितधारकों से तपेदिक को समाप्त करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया है।
नेपाल में तपेदिक अभी भी एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 2024 तक नेपाल में अनुमानित 67,000 नए टीबी रोगी होंगे। यह अनुमान लगाया गया है कि हर साल लगभग 16,000 लोग तपेदिक से मर जाते हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष 2081/82 में, 39,000 से अधिक दवा के प्रति संवेदनशील तपेदिक रोगियों की पहचान की गई और उनका इलाज किया गया। दवा के प्रति संवेदनशील तपेदिक के लिए उपचार की सफलता दर 92 प्रतिशत और दवा प्रतिरोधी टीबी के लिए 76 प्रतिशत है।
देशभर में 6 हजार से ज्यादा हेल्थ इंस्टीट्यूशंस के माध्यम से टीबी का इलाज किया गया है, वहीं माइक्रोस्कोपी और आधुनिक टेस्टिंग सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। इसके अलावा, दवा प्रतिरोधी तपेदिक के उपचार के लिए विशेष केंद्र चल रहे हैं।
हालांकि, तथ्य यह है कि लगभग 42 प्रतिशत रोगियों के पास अभी भी उपचार तक पहुंच नहीं है, यह दर्शाता है कि चुनौती बनी हुई है। आर्थिक बोझ, सामाजिक कलंक और संसाधनों की कमी के कारण बीमारी को नियंत्रित करना मुश्किल है।
सरकार की योजना आने वाले दिनों में एआई-आधारित डिजिटल एक्स-रे सेवा, रैपिड टेस्टिंग सेवा का विस्तार करने और स्थानीय नेतृत्व वाले कार्यक्रम को मजबूत करने की है।
केन् द्र ने न केवल सरकार बल्कि निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, मीडिया और आम जनता की सक्रिय भागीदारी की आवश् यकता पर बल दिया है।

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