काठमांडू। गृह मंत्री ओम प्रकाश अर्याल ने रविवार को ललितपुर जिला प्रशासन कार्यालय का निरीक्षण किया। मंत्री अर्याल के नेतृत्व में टीम ने कार्यालय की सेवा वितरण, नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं और राष्ट्रीय पहचान पत्र से संबंधित कार्य प्रणाली का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के युग के अनुरूप नागरिकों को आसान, आसान और परेशानी मुक्त सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय पहचान पत्र के माध्यम से एकीकृत सेवा वितरण शुरू किया गया है, जिससे विभिन्न सरकारी निकायों में एक ही प्रकार के विवरण के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की पुरानी प्रवृत्ति समाप्त हो गई है।
इससे पहले, सेवा प्राप्तकर्ताओं को राष्ट्रीय पहचान पत्र के लिए पूर्व-नामांकन फॉर्म भरकर अपना बायोमेट्रिक विवरण जमा करने के लिए संबंधित इकाई में उपस्थित होना पड़ता था। इससे समय और लागत बढ़ गई। हालांकि, अब जब गृह मंत्रालय ने केंद्रीकृत नागरिकता प्रबंधन सूचना प्रणाली और राष्ट्रीय पहचान प्रबंधन सूचना प्रणाली के बीच अंतर्संबंध बनाए रखा है, तो पूर्व-नामांकन फॉर्म भरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 12 सार्वजनिक सेवाएं हैं। इसने डुप्लिकेट काम को कम किया है, राज्य के खजाने को बचाया है और आर्थिक और सामाजिक अपराधों को नियंत्रित करने में मदद की है। राष्ट्रीय पहचान पत्र संख्या के आधार पर व्यक्ति की पहचान और सत्यापन करके नागरिकों के व्यक्तिगत और जैविक विवरणों का उपयोग करके प्रौद्योगिकी के अनुकूल सेवा वितरण सुनिश्चित किया गया है। इससे सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, लगभग 6,000 से 8,000 ग्राहकों को दैनिक आधार पर इस प्रणाली से लाभ मिला है। मंत्री अर्याल ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

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