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समझौते के अनुसार काम नहीं करने वाली कंपनियों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना

कालोपाटी

57 मिनट ago

काठमांडू। कालिका नगर पालिका ने समय पर प्रशासनिक भवन का निर्माण नहीं करने पर निर्माण कंपनी पर 11.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बार-बार विस्तार के बावजूद काम करने में विफल रहने के लिए समय सीमा बढ़ाए बिना जुर्माना लगाया गया था।

मेयर बिनोद रेग्मी के मुताबिक रबीना कंस्ट्रक्शन ने दो साल के भीतर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 29 फरवरी 2019 को वर्क ऑर्डर लिया था। समय सीमा पूरी नहीं हो सकी तो नगर पालिका ने चार बार समय सीमा बढ़ाकर 30 कार्तिक 2081 कर दी।

खरीद अधिनियम में प्रावधान है कि यदि समय सीमा समाप्त होने के बाद कार्य पूरा नहीं होता है तो कार्य पर जुर्माना लगाया जा सकता है। नगरपालिका द्वारा आवश्यक सुविधा के बावजूद नगर पालिका द्वारा काम करने में विफल रहने के बाद नगर पालिका ने जुर्माना लगाने के निर्णय को भी मंजूरी दे दी है।

नगर पालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी देवराज चौलागाईं ने बताया कि ठेकेदारों ने नगर पालिका के फैसले से संतुष्ट नहीं होने के कारण हेटौडा उच्च न्यायालय में मामला दायर किया था। उनके मुताबिक कोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है। भवन के निर्माण का ठेका 11.56 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था।

कंपनी को अब तक 7 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। ठेकेदार ने नगर पालिका से 10 प्रतिशत राशि काटकर नगर पालिका को भुगतान करने का अनुरोध किया है। चौलागाईं के अनुसार, निर्माण कंपनी एक मध्यस्थ के साथ चर्चा करने की कोशिश कर रही है।

कंपनी चर्चा के बाद जुर्माना हटाने पर बाद में बाकी रकम लेने के लिए बिल्डिंग को सौंपने की तैयारी कर रही है।

उनके अनुसार, नगरपालिका जुर्माने की राशि को छोड़कर शेष राशि का भुगतान करने के लिए तैयार है। गेंजी आंदोलन के दौरान इमारत में तोड़फोड़ की गई थी। निर्माण कंपनी ने पहले ही बीमा का दावा कर लिया है और मरम्मत की मरम्मत कर ली है। नगर पालिका अपने भवन के निर्माण में देरी के कारण पिछले 9 वर्षों से किराए के भवन में रहने के लिए मजबूर है।

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