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सब ओवरसियर मंडल फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया

कालोपाटी

1 घंटा ago

काठमांडू। शिव नारायण मंडल को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करके सरकारी सेवा में प्रवेश करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। विशेष अदालत के अध्यक्ष सुदर्शन देव भट्ट, न्यायमूर्ति हेमंत रावल और न्यायमूर्ति बिदुर कोइराला की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में रिट याचिकाकर्ता पर फैसला सुनाया।

शिवनारायण मंडल ने 1983 में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड, पटना, भारत से माध्यमिक स्तर (एसएलसी के बराबर) उत्तीर्ण किया। उन्होंने 62-7-360 बताते हुए एक शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। उसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें 17 जुलाई 2053 से द्वितीय श्रेणी के उप-निरीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने सूचित किया था कि रोल नंबर के साथ प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत था और मंडल का नाम रिकॉर्ड में नहीं देखा गया था।

अदालत ने मंडल को दोषी पाया क्योंकि वह अदालत में बयान देने के बावजूद रिपोर्ट का खंडन करने में विफल रहे।

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