TAG_OPEN_div_30 इस समय सप्तरी के किसान चैते धान की रोपाई के लिए अपने खेतों की ओर लौटने लगे हैं। चैत्य धान फाल्गुन के महीने में बोया जाता है, मार्च की शुरुआत में लगाया जाता है और जेठ की 15 तारीख से लाया जाता है। सप्तरी के किसानों के अनुसार, 80 से 90 दिनों की छोटी अवधि में धान का उत्पादन नवंबर में उत्पादित धान की तुलना में दोगुना है।
कालोपाटी
6 घंटे ago
स्थानीय किसानों का कहना है कि चैत्य धान का उत्पादन बहुत कम समय में दोगुना हो गया है, लेकिन यह expensive.TAG_OPEN_div_28 उन्होंने कहा कि बीज उखाड़ने, खेतों की जुताई करने, घास बोने और उखाड़ने से ज्यादा महंगा है। उन्होंने कहा कि अगर बोरिंग के माध्यम से सिंचाई की जाए तो दो सौ कट्ठे और डीजल माध्यम से सिंचाई करने पर तीन सौ रुपये खर्च होंगे।
कृषि ज्ञान केन्द्र सप्तरी के अनुसार बिष्णुपुर गाउँपालिका, छिन्नमस्ता गाउँपालिका, राजगढ गाउँपालिका, तिलाठी कोइलाडी गाउँपालिका, महादेवा गाउँपालिका, रूपाणी गाउँपालिका, हनुमाननगर कंकालिनी नगरपालिका, बोडेबरसाईं नगरपालिका, खडक नगरपालिका तथा शंभूनाथ Municipality.TAG_OPEN_div_25 ग्राम।


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