काठमांडू। दारचूला के अपीहिमाल गाउँपालिका-3 के दुधिला माध्यमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर अभी मतदान शुरू नहीं हुआ है। केंद्र में स्थानीय मतदाताओं के मौजूद नहीं होने के कारण मतदान प्रक्रिया बाधित हुई।
इससे पहले स्थानीय लोगों ने दो मतदान केंद्रों पर वोट नहीं डालने का फैसला किया था। नौगढ़ ग्राम-1 के गौरीशंकर प्राथमिक विद्यालय नागु और अपीमाल नगर पालिका-3 के दुधिला प्राथमिक विद्यालय के मतदाताओं ने ‘नो वोट’ अभियान के तहत मतदान का बहिष्कार किया।
राज्य सरकार के मुख्य सचिव बैकुंठ अर्याल ने बुधवार को स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की, लेकिन वे इस फैसले से पीछे नहीं हटे। संघर्ष समिति के समन्वयक करण सिंह दादल के अनुसार, 1 जनवरी से ‘नो वोट’ अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देर से पहल की है और लोगों को आश्वासनों पर भरोसा नहीं है।
इससे पहले मुख्य जिला अधिकारी अनिल पौडेल के नेतृत्व में एक टीम स्थानीय लोगों को शामिल करने के लिए मतदान केंद्र पर पहुंची थी। नागू के गौरीशंकर माध्यमिक विद्यालय के केंद्र में 602 मतदाता हैं।
इसी तरह अपीहीमल-3 की कुछ बस्तियों के स्थानीय लोगों ने वार्ड विभाजन की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। स्थानीय कमल सिंह रोकाया के अनुसार विसं २०७४ में वार्ड विभाजन के बाद वार्ड कार्यालय को असुविधाजनक स्थान पर रखा गया है।
दुधिला प्राथमिक विद्यालय के झुस्कू, चौद, छबीस और भट्टर गांव के कुल 346 मतदाताओं ने मतदान नहीं करने का फैसला किया है। स्थानीय लोगों के रुख के कारण मतदान प्रक्रिया को भ्रम की स्थिति में डाल दिया गया है।

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