काठमांडू। महोत्तरी जनपद के भंगहा नगरपालिका-7 में 15 दिवसीय माध्यमिक परिक्रमा के तहत आज से होली पर्व के साथ ही मिथिलांचल में होली पर्व का औपचारिक शुभारंभ हो गया है।
परिक्रमा में भाग ले रहे बाबा नवल किशोर दास ने आज सुबह महोत्तरी के कंचनबन में भगवान मिथिलाबिहारी (रामचंद्र) के किशोरी (माता सीता) के साथ होली चढ़ाने के बाद परिक्रमा में भाग लेने वाले बाबा नवल किशोर दास ने कहा। पंद्रह दिवसीय माध्यमिक परिक्रमा के सातवें दिन आज भगवान रामचंद्र और माता सीता की पालकी और मूर्तियों को धार्मिक तरीके से एक दूसरे के साथ रंगों और अबीर से होली खेली गई।
मिथिलांचल के गांवों और घरों में रंगीन पाउडर का प्रयोग शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय जलेश्वर नगरपालिका-8 के पंडित धीरेंद्र झा ने बताया कि इस वर्ष भी हर साल की तरह मिथिलांचल के गांवों में होली से जुड़े गीत, नृत्य, हास्य, व्यंग्यात्मक कविताएं और चुटकुले शुरू किए गए हैं।
मिथिलांचल के साधु, महात्मा और गृहस्थ उस दिन की याद में 15 दिन की परिक्रमा करते हैं जब भगवान वनवास में गए थे। 17 फरवरी को धनुष के हनुमानगढी में भगवान राम और माता सीता की पालकी के एकत्र होने के बाद यह परिक्रमा 15 दिनों में भारत के कलानेश्वर से शुरू हुई और जनकपुर में समाप्त हुई।
महाोत्तर के कंचनबन प्रवास से आज सातवें दिन निकलने वाले श्रद्धालु भगवान रामचंद्र और माता सीता की पालकी लेकर महोत्तरी जिले के कंचनबन में अपने प्रवास के आठवें दिन निकल पड़े हैं।

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