काठमांडू। नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक सेतु के नाम से मशहूर मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा की आज से औपचारिक शुरुआत हो गई है। धनुषा जिले के मिथिला बिहारी नगरपालिका के थेरा कचुरी से भगवान राम और जानकी की पालकी से परिक्रमा शुरू हो गई है।
परिक्रमा के पहले दिन साधु और भक्त जनकपुरधाम के हनुमाननगर में विश्राम करते हैं और फिर भारत के बिहार राज्य के कल्याणेश्वर के लिए रवाना होते हैं।
परिक्रमा में सहभागी फुलहर, मटिहानी, जलेश्वर, मड़ई, ध्रुवकुंड, कंचनबन, पर्वत, धनुषाधाम, औराही, महोत्तरी के बिसौल के गिरिजस्थान से होते हुए पूर्णिमा के दिन कल्याणेश्वर लौट आएंगे और जनकपुरधाम लौटेंगे।
भक्त 15 दिनों में कुल 133 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं, जिसमें 105 नेपाल से और 28 भारत से शामिल हैं। मधेस प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने पालकी से परिक्रमा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मधेस प्रदेश सरकार आने वाले दिनों में रामायण सर्किट के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए विशेष पहल करेगी।
उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से भारत का दौरा करेंगे और हितधारकों के साथ चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजना अयोध्या को सीधे जनकपुरधाम से जोड़ने के लिए जनकपुरधाम हवाई अड्डे का विस्तार करने की है।

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