काठमांडू। सरकार ने नेपाल सरकार के नाम पर काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी-4 में 112 रोपनी भूमि पंजीकृत की है।
रावल आयोग-2052 की रिपोर्ट को लागू करने के क्रम में सरकार के नाम पर भूमि का अधिग्रहण किया गया था।
भूमि प्रशासन कार्यालय, दिल्ली बाजार ने रावल आयोग के निर्णय के अनुसार सरकारी और सार्वजनिक भूमि को सरकार के नाम पर हस्तांतरित करने का कार्य पूरा कर लिया है।
मंत्री प्रतिभा रावल के सचिवालय के अनुसार भूमि प्रबंधन, सहकारिता, संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्रालय द्वारा गठित रिपोर्ट कार्यान्वयन समिति ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमित भूमि को भूखंडों से एकमुश्त घटाने का काम शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट के क्रियान्वयन के लिए मुख्य सर्वेक्षण अधिकारी रमेश ग्यावली के समन्वय में एक समिति का गठन किया गया है।
समिति में गृह मंत्रालय और भौतिक बुनियादी ढांचा और परिवहन मंत्रालय के अवर सचिव, संबंधित भूमि प्रशासन और सर्वेक्षण कार्यालयों के प्रमुख, स्थानीय स्तर के समन्वय अनुभागों के प्रमुख, भूमि प्रबंधन और अभिलेख विभाग के अनुभाग अधिकारी और सर्वेक्षण विभाग के सर्वेक्षण अधिकारी शामिल हैं।
रावल आयोग ने 2052 में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसमें सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की गई और व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत भूमि की सुरक्षा के लिए सिफारिशें की गई थीं।
मंत्रालय ने लंबे समय बाद एक ही रिपोर्ट को लागू कर सरकारी और सार्वजनिक भूमि को सरकार के नाम पर लाने की प्रक्रिया शुरू की है।
रावल आयोग द्वारा बताई गई सभी जमीनों को सरकार के नाम पर लाने की प्रक्रिया सरकार ने पहले ही शुरू कर दी है।

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