काठमांडू। स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल ने कौशल को रोजगार और उत्पादन से जोड़कर देश में युवाओं के लिए अवसर पैदा करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
श्रम, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय द्वारा आज यहां कोशी राज्य से शुरू किए गए ‘श्रम कौशल एवं रोजगार मेला-2083’ का उद्घाटन करते हुए अध्यक्ष अर्याल ने कहा कि कौशल कोई अतिरिक्त योग्यता नहीं बल्कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की समृद्धि का आधार है।
यह कहते हुए कि संविधान ने मौलिक अधिकारों के रूप में रोजगार और श्रम से संबंधित अधिकार की गारंटी दी है, उन्होंने अवसर पैदा करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि उन्हें व्यवहार में महसूस किया जा सके।
यह कहते हुए कि राष्ट्रीय जनगणना, 2078 के अनुसार नेपाल की कुल आबादी का 66 प्रतिशत से अधिक श्रमिक आयु वर्ग में है, इसका उपयोग जनसांख्यिकीय लाभांश के रूप में किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार बाजार की मांग के अनुसार कौशल, रोजगार से संबंधित कौशल के अनुसार रोजगार और उत्पादन को श्रम और रोजगार नीति की महत्वपूर्ण दिशा बनाई जानी चाहिए।
इस अवसर पर अध्यक्ष अर्याल ने याद किया कि ‘श्रमधन रोजगार मेला’ 17 जेठ 2081 को कोशी प्रांत से शुरू हुआ था, जब वे श्रम मंत्रालय के प्रमुख थे, सभी सात प्रांतों में आयोजित किया गया था।
मेले में कुल 41,325 लोगों ने दौरा किया, जबकि 17,921 आवेदकों ने रोजगार के लिए और 14,788 नियोक्ताओं से आवेदन किए।
उन्होंने कहा कि देश में रोजगार चाहने वाले युवाओं के बीच असंतुलन और जनशक्ति के अभाव में विदेशी श्रमिकों को लाने की आवश्यकता को समाप्त करने के लिए कौशल विकास और श्रम बाजार के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने ‘श्रमधन कॉल सेंटर’ और अन्य पहलों को और अधिक प्रभावी बनाकर घरेलू रोजगार का विस्तार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि यह मेला कौशलोन्मुखी, उत्पादक और सभ्य रोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एक्सपो में उद्यमिता, डिजिटल मार्केटिंग, आतिथ्य, ब्यूटीशियन, कुक और वेटर, इलेक्ट्रिक वाहन और एयर कंडीशनिंग सहित 10 विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा, नियोक्ता, प्रशिक्षण संगठन, बैंक और वित्तीय संस्थान 65 स्टालों के माध्यम से भाग लेंगे।

प्रतिक्रिया दिनुहोस्